मंडली
अपनी जयन्ती पर गाँधी बाबा की भारत यात्रा

अपनी जयन्ती पर गाँधी बाबा की भारत यात्रा

अपनी जयन्ती पर गाँधी जी ने भारत भूमि पर आने का  निर्णय किया। कुछ सच्चे गाँधीवादियों ने उन्हें रोकने की…

विपक्ष में भिया का कोई तोड़ नहीं

राजनीति में हमारे भिया का पक्ष-विपक्ष में कोई तोड़ नहीं है। उनके हर बयान में कूटनीति कूट-कूट कर भरी रहती…
एक अनूठा कवि सम्मेलन

एक अनूठा कवि सम्मेलन

हिन्दी दिवस पर बड़ा ही मनोहारी दृश्य था। दो ऐसे कवि प्रेम पूर्वक मिले थे जिन्हें कवि सिर्फ वही दोनों…

काँग्रेस कार्यसमिति बैठक – एक बार फिर टाँय टाँय फिस्स

दल की दशा और दिशा पर चिन्ता व्यक्त करते हुए पत्र लिखना हमारे लोकतंत्र की एक स्वस्थ परम्परा है। आम…
स्वच्छता सर्वेक्षण में गया गुजरा बिहार

स्वच्छता सर्वेक्षण में गया गुजरा बिहार

प्रधानमंत्री के प्रिय कार्यक्रमों में से एक ‘स्वच्छ भारत’ भारत सरकार का एक बेहतरीन कार्यक्रम है। सांकेतिक श्रमदान में प्रधानमंत्री…
सनसनी समाज में है चैनल में नहीं

सनसनी समाज में है चैनल में नहीं

मुझे ऐसा लगता है कि संवाद सात्विक शब्द है और बहस तामसिक। संवाद से सौहार्द उत्पन्न होता है। बहस में…
 मंच, माला, माईक और नेताजी का भाषण

 मंच, माला, माईक और नेताजी का भाषण

कोराना काल में सबसे अधिक क्षति या घोर कमी  यदि किसी क्षेत्र में हुई है तो वह नेताओं के सबसे…

लोकतंत्र का हासिल सिर्फ लोकतंत्र

लोकतंत्र का उद्भव भारत में हुआ। भारत ही सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भी है। लेकिन  अमेरिका विश्व में लोकतंत्र का…

बाउंसर विपक्ष का

सजग दिखने के लिए विपक्ष का मुख्य काम सरकार पर प्रश्नों के बाउंसर दागना है। अपने पालक-बालकों से उन प्रश्नों…
पॉलिटिक्स – पुल और पैनडेमिक की

पॉलिटिक्स – पुल और पैनडेमिक की

कोरोना के कोढ़ पर बाढ़ का खाज होने के कारण बिहार सरकार डबल लोड टान रही है। यहाँ डबल इंजन…

मैं लेखक बनते बनते रह गया

स्कूली परीक्षाओं में गाय व डाकिया पर निबंध लिखने के लिए मैं ‘निबंध माला’ से रट्टा मारता था। इससे यह…

एक खुला पत्र ‘पत्रकारों’ के नाम

प्रिय पत्रकार, पत्रकार शब्द से मत चौंकिये। यहाँ इस शब्द का सामान्य अर्थ नहीं है। नाटक लिखने वाला नाटककार कहलाता…

टिकटॉक: वाह वाह या छि छि

टेस्ट क्रिकेट के बाद जब एक दिवसीय क्रिकेट आया तो क्रिकेट के शुद्धतावादी इतने बिफरे कि उन्होने क्रिकेट के इस…
अपनी पीठ थपथपाने के नुख्खे

अपनी पीठ थपथपाने के नुख्खे

लॉक -डाउन  के दौरान निठ्ठलापन क्या-क्या नहीं कराता। अपनी पीठ थपथपाने की चेष्टा की लेकिन यह असंभव सा कार्य लगा। वर्तमान…

लॉकडाउन-3: पहला दिन धूमगज्जर का

कोरोना संकट की स्थिति देखते हुए लॉकडाउन-2 के अतिंम दिनों में यह जोक बनने लगा था कि लॉकडाउन उतना ही…

लॉकडाउन पर कुछ मीठा कुछ खट्टा

कोरोना संकट से निबटने के लिए देश में संपूर्ण लॉकडाउन है। समूह पलायन से डाइल्यूशन की खबरें भी आयीं। मानव…

लॉकडाउन में लेखन – एक प्रयोग

विगत कुछ मासों से कुछ भी नहीं लिखा था – कुछ कर्म की व्यस्तता में, कुछ निठल्लेपन के कारण।व्यंगोक्ति देखिये कि…
शोले को लाल सलाम

शोले को लाल सलाम

  इतिहास किसी सटीक सहस्रकोणीय वीडियो पर आधारित नहीं होता। यह तथ्यों के अलावा इतिहासकार की कथा शैली, रूझान, आग्रह…

लिट्टी-चोखा के बहाने बिहार की राजनीतिक पड़ताल

हमारे देश में गझिन लोकतंत्र है। दिल्ली के मालिक का रिन्युअल हुआ नहीं कि ‘कोरबो लोड़बो जीतबो’ दस्तक दे रहा…

आम बजट पर आम आदमी की आम समझ

वर्षों पहले माइकल जैक्शन मुम्बई आए थे। आम जनों की छोड़िए, हमारे मुम्बईया सेलेब भी वैसे ही बावले हुए जा…

विकास को प्रतिबद्ध स्वत: स्फूर्त मानव श्रृंखला की आस

दुनिया के विकसित देशों में उनके कौशल और उनके या उनके उपनिवेशों के कच्चे माल व श्रम से औद्योगिक क्रांति…

न्यू ईयर रिजॉल्यूशन

आठ पहरिया चैनलों के एंकर भयंकर, अखबारों के स्थापित स्तंभकार व मूर्धन्य ट्विटकार पूरे साल के घटनाक्रम को ‘गागर में…

उफ्फ, एक और आन्दोलन!

देश में आन्दोलन घोटाला का पर्याय हो चुका है। अधिकांश आन्दोलनों के कारण, उनके तरीके, उनकी प्रवृत्ति, उनका कवरेज, उनसे…
महाराष्ट्र का थ्रिलर: क्लाइमेक्स या एंटी-क्लाइमेक्स

महाराष्ट्र का थ्रिलर: क्लाइमेक्स या एंटी-क्लाइमेक्स

जिस जिस पर ये जग हँसा है उसी ने इतिहास रचा है … शायर संजय राउत यह शेर गुनगुना रहे…

जेएनयू: बौद्धिक विमर्श केन्द्र या स्वयं बहस का विषय

तीन साल पहले मैं जेएनयू गया था। पढ़ने नहीं, मैं पहले से ही पढ़ुआ हूँ – ईए-बीए पास। डिग्री बता…

महाराष्ट्र सरकार या वीरबल की खिंचड़ी

कम ही लोग जानते हैं कि ‘वीरबल की खिंचड़ी’ पकने में देरी इसलिए हुई क्योंकि खिंचड़ी का चावल दाल की…

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का स्मॉग

मत कहो आकाश में कोहरा घना है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है। सूर्य हमने भी नहीं देखा सुबह का,…

मुस्कुराइए, आप मंडली.इन पर हैं!

हँसी जिन्दादिली का प्रतीक है, मुस्कुराहट जीवन्तता का प्रमाण। हँसी लाख दवाओं की एक अचूक दवा है, मुस्कुराहट स्वयं के…

व्यंजनों पर घमासान का समाधान

अधिकतर लोग जीने के लिए खाते हैं। कुछ खाने के लिए ही जीते है। आजकल कुछ लोग सिर्फ लड़ने के…
जो फिट है वो हिट है

जो फिट है वो हिट है

कुदरती काया को कांतिमान, कमनीय, करिश्माई, और कातिल बनाए रखने के लिए कयामत की क्रेज के बीच कमाल की कॉमेडी…
150 वीं जयन्ती पर गाँधी की भारत यात्रा

150 वीं जयन्ती पर गाँधी की भारत यात्रा

अपनी 150 वीं जयन्ती पर गाँधी जी ने भारत भूमि पर आने का फैसला किया। कुछ सच्चे गाँधीवादियों ने उन्हें…

माइक महारथी बनने का संघर्ष

हम अपनी ही नहीं बल्कि दूसरों की सफलता को भी सेलिब्रेट करते हैं। यहाँ यह भी जोड़ देना उचित होगा…
उजड़े दरबार के बेराग दरबारी

उजड़े दरबार के बेराग दरबारी

रानी की कोख से राजा के पैदा होने का क्रम लोकतंत्र में रुक जाने की अपेक्षा थी लेकिन राजनीतिक एकाधिकार…

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है!

मनुष्य सामाजिक प्राणी है, ऐसा मनुष्य अपने आप को कहता है। पशु-पक्षी-वृक्ष आदि इस विषय में क्या सोचते हैं, इस…
कांग्रेस कार्यसमिति बैठक – टाँय-टाँय फिस्स

कांग्रेस कार्यसमिति बैठक – टाँय-टाँय फिस्स

सरकारी क्षेत्रों तक पहुँच रखने वाले पहुँचे हुए लोग अक्सर कहते हैं कि सरकारी बैठकों का सबसे बड़ा हासिल ‘फिरी’…
फूड ऐप पर फुटेज

फूड ऐप पर फुटेज

दो-तीन दशक पहले तक समाजवादी आर्थिक नीतियों में जकड़ा भारत मुक्त अर्थव्यवस्था की प्रगति में अकड़ने लगा है, हालांकि सरकार…
बाढ़ राहत की महिमा

बाढ़ राहत की महिमा

जनसंख्या में ज्यामितीय वृद्धि और संसाधनों की अंकगणितीय वृद्धि के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रकृति रौद्र रुप धारण…